गुरुवार, मई 19, 2011

KAUN?

मैं युधिस्ठिर नहीं हूँ. 
 जो धर्म निर्वहन के लिए शांत और मौन रहकरअपने ऊपर हुए अत्याचार को सहन करता है  !
मैं भीष्म नहीं हूँ.  
जो अपनी प्रतिज्ञा में   बंध कर अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को कुचल कर अत्याचार का मूक दर्शक बना रहता है !!
मैं दुर्योधन नहीं हूँ.   
जो अपनी महत्वाकांक्षा के लिए अंतहीन अत्याचार का सिलसिला जारी रखता है !!!     
मैं धृतराष्ट्र   नहीं हूँ. 
जो अपने पुत्रमोह से आगे कुछ नहीं देख पता है !!!!
मैं कर्ण हूँ.
जो मित्रता और विरोध को मुखर होकर प्रकट करता है !!!!!
मैं विदुर बनना चाहता हूं;
जो मान-अपमान, लाभ-हानि, अपना-पराया से;
 ऊपर ऊठ कर बात करता है!!!!!

BE BOLD IN WHAT YOU STAND FOR !
JAIHIND

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3 टिप्‍पणियां:

  1. That's absolutely right..
    It's very easy to present your thoughts.. but..
    it's very difficult to follow your thoughts...

    उत्तर देंहटाएं
  2. ---------- Forwarded message ----------

    From: Safar A Zindagi

    Date: Tue, 29 May 2012 13:26:11 -0700
    http://apnyvaani.blogspot.in/2011/05/kaun.html

    To: mundwa news channel
    Safar A Zindagi commented on your post in mundwa news channel.

    great job....

    उत्तर देंहटाएं
  3. From: Dinesh C Tripathi <notification+zrdovrrggo11@facebookmail.com>
    Date: Tue, 29 May 2012 20:14:40 -0700
    Subject: Re: [विश्व हिंदू महासंघ Vishwa Hindu Mahasangh]
    http://apnyvaani.blogspot.in/2011/05/kaun.html
    To: विश्व हिंदू महासंघ Vishwa Hindu Mahasangh
    <285540601528531@groups.facebook.com>
    Dinesh C Tripathi commented on your post in विश्व हिंदू महासंघ Vishwa Hindu Mahasangh.


    मैं युधिस्ठिर नहीं हूँ.
    जो धर्म निर्वहन के लिए शांत और मौन रहकरअपने ऊपर हुए अत्याचार को सहन करता है !
    मैं भीष्म नहीं हूँ. ................ correct sir...


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